उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन ।
नरके नियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम ॥ 1.44 ॥
हे जनार्दन! हमने सुना है कि जिन मनुष्यों के कुल-धर्म नष्ट हो जाते हैं, उनका निवास निश्चित रूप से नरक में होता है।
विस्तार: अर्जुन कहता है कि उसने धर्मग्रंथों में सुना है कि कुल-धर्म का पालन न करने वाले लोगों का अंत नरक में होता है। चूँकि युद्ध से कुल-धर्म का नाश होगा, तो युद्ध में शामिल सभी लोग (पाण्डव भी) नरक के भागी बनेंगे। यह श्लोक अर्जुन के भय को धार्मिक रूप से पुष्ट करता है।