धृष्टकेतुश्चेकितानः काशिराजश्च वीर्यवान् ।
पुरुजित्कुन्तिभोजश्च शैब्यश्च नरपुङ्गवः ॥ 1.5 ॥
और धृष्टकेतु, चेकितान, बलवान् काशिराज, पुरुजित्, कुन्तिभोज और मनुष्यों में श्रेष्ठ शैब्य भी (पाण्डव सेना में) हैं।
विस्तार: दुर्योधन अभी भी पाण्डवों के पक्ष के प्रमुख राजाओं और योद्धाओं की गिनती कर रहा है। इन सभी राजाओं ने या तो मित्रता के कारण या श्रीकृष्ण के प्रभाव के कारण पाण्डवों का साथ दिया था, और वे सभी अपने-अपने राज्यों के शक्तिशाली शासक थे। दुर्योधन की सूची एक तरह से यह स्वीकारोक्ति है कि पाण्डवों की सेना सामान्य नहीं है, बल्कि अत्यंत शक्तिशाली और अनुभवी योद्धाओं से भरी हुई है।