॥ अध्याय 1, श्लोक 6 की व्याख्या ॥

युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान् ।
सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः ॥ 1.6 ॥

भावार्थ (Hindi Explanation)

पराक्रमी युधामन्यु, बलवान् उत्तमौजा, सुभद्रा का पुत्र अभिमन्यु और द्रौपदी के पुत्र — ये सब ही महारथी हैं।

विस्तार: दुर्योधन ने पाण्डव सेना में उपस्थित सभी महत्वपूर्ण महारथियों का उल्लेख किया। इस सूची में वह युवा योद्धाओं को भी शामिल करता है, जैसे अभिमन्यु (सुभद्रा और अर्जुन का पुत्र) और द्रौपदी के पाँचों पुत्र। इन सभी को 'महारथी' कहकर वह द्रोणाचार्य को यह संकेत देना चाहता है कि पाण्डवों के पक्ष में सिर्फ बड़े और अनुभवी ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के भी अत्यंत पराक्रमी योद्धा हैं।

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