अन्ये च बहवः शूरा मदर्थे त्यक्तजीविताः ।
नानाशस्त्रप्रहरणाः सर्वे युद्धविशारदाः ॥ 1.9 ॥
और भी बहुत-से शूरवीर हैं, जिन्होंने मेरे लिए अपने जीवन की आशा छोड़ दी है। वे सभी विभिन्न प्रकार के शस्त्रों से सुसज्जित हैं और युद्धकला में निपुण हैं।
विस्तार: प्रमुख महारथियों को गिनाने के बाद, दुर्योधन अन्य सैनिकों की प्रशंसा करता है। मदर्थे त्यक्तजीविताः (मेरे लिए जीवन त्यागने को तैयार) शब्दों का प्रयोग करके वह अपनी सेना के समर्पण को उजागर करता है। हालाँकि, यह उत्साह और समर्पण का दावा उनके भीतर के डर और असुरक्षा की भावना को छुपाने का एक तरीका भी हो सकता है।