अहं सर्वस्य प्रभवो मत्तः सर्वं प्रवर्तते ।
इति मत्वा भजन्ते मां बुधा भावसमन्विताः ॥ 10.8 ॥
कृष्ण कहते हैं: मैं ही संपूर्ण जगत की उत्पत्ति का कारण हूँ और मुझसे ही सब कुछ गतिशील है। ऐसा मानकर जो बुद्धिमान मनुष्य (बुधा) हैं, वे अत्यंत प्रेम और भाव से निरंतर मेरा ही भजन करते हैं।
आध्यात्मिक मर्म: यहाँ 'बुध' का अर्थ वह है जिसने सत्य को पहचान लिया है। जैसे एक वैज्ञानिक (जैसे आप IIT-Bombay के लिए तैयारी कर रहे हैं) ऊर्जा के मूल स्रोत को खोजता है, वैसे ही अध्यात्म में 'बुद्धिमान' वह है जो जान गया है कि हर विचार, हर पदार्थ और हर जीवन का मूल आधार कृष्ण ही हैं।