व्यामिश्रेणेव वाक्येन बुद्धिं मोहयसीव मे ।
तदेकं वद निश्चित्य येन श्रेयोऽहमाप्नुयाम् ॥ 3.2 ॥
आप इन मिले-जुले वचनों से मेरी बुद्धि को मोहित सा कर रहे हैं। इसलिए कृपा करके एक बात निश्चित करके कहिए, जिससे मेरा कल्याण हो सके।
विस्तार: अर्जुन स्पष्टता चाहते हैं। वे कृष्ण से To-the-point बात करने का आग्रह कर रहे हैं। यह एक विद्यार्थी के लिए भी जरूरी है कि वह अपने लक्ष्य (जैसे IIT-Bombay) के प्रति बिल्कुल स्पष्ट रहे और किसी भी संशय को तुरंत दूर करे।