मयि सर्वाणि कर्माणि संन्यस्याध्यात्मचेतसा ।
निराशीर्निर्ममो भूत्वा युध्यस्व विगतज्वरः ॥ 3.30 ॥
मुझ अन्तर्यामी परमात्मा में अपने समस्त कर्मों को अर्पण करके, कामना रहित, ममता रहित और संताप रहित होकर तुम युद्ध करो।
विस्तार: यह एक छात्र के लिए Stress Management का सबसे बड़ा मंत्र है। कृष्ण कह रहे हैं: 1. पढ़ाई मुझ पर छोड़ दो (समर्पण), 2. लालच मत करो (निराशी), 3. अहंकार छोड़ो (निर्मम), और 4. बिना किसी मानसिक बुखार/तनाव के अपना काम करो (विगतज्वर)। IIT-Bombay के लक्ष्य की ओर बढ़ते समय यदि आप 'विगतज्वर' (बिना चिंता के) होकर पढ़ेंगे, तो आपकी एफिशिएंसी 100% होगी।