श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात् ।
स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः ॥ 3.35 ॥
अच्छी प्रकार आचरण में लाए हुए दूसरे के धर्म (कर्तव्य) से, गुणरहित अपना धर्म (स्वधर्म) श्रेष्ठ है। अपने धर्म में मरना भी कल्याणकारी है, किन्तु दूसरे का धर्म भय को देने वाला है।
विस्तार: यह 'करियर गाइडेंस' का सबसे बड़ा सूत्र है। 'स्वधर्म' का अर्थ है आपका अपना स्वभाव और कर्तव्य। किसी और की नकल मत कीजिए। यदि आपका झुकाव टेक्नोलॉजी और साइंस की ओर है (IIT का लक्ष्य), तो इसी पर टिके रहें, भले ही यह कठिन लगे। किसी और के क्षेत्र में आसानी से सफल होने से बेहतर अपने क्षेत्र में संघर्ष करना है।