एवं ज्ञात्वा कृतं कर्म पूर्वैरपि मुमुक्षुभिः ।
कुरु कर्मैव तस्मात्त्वं पूर्वैः पूर्वतरं कृतम् ॥ 4.15 ॥
पूर्वकाल के मुमुक्षुओं (मोक्ष चाहने वालों) ने भी इसी प्रकार जानकर कर्म किए हैं, इसलिए तुम भी पूर्वजों द्वारा सदा से किए जाने वाले कर्मों को ही करो।
विस्तार: कृष्ण अर्जुन को इतिहास की याद दिला रहे हैं। महान लोग कर्म से भागते नहीं हैं, बल्कि उसे 'सही समझ' के साथ करते हैं।