नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते ।
मोहात्तस्य परित्यागस्तामसः परिकीर्तितः ॥ 18.7 ॥
अर्थ: नियत कर्म (Essential Duties) का स्वरूप से त्याग करना उचित नहीं है। मोह के कारण उसका परित्याग कर देना 'तामस' त्याग कहा गया है।
गहन विश्लेषण: तामस त्याग वह स्थिति है जब व्यक्ति आलस्य, अज्ञान या भ्रम (Confusion) में आकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग खड़ा होता है। उदाहरण के लिए, पढ़ाई कठिन है, इसलिए मैं इसे छोड़ देता हूँ—यह त्याग नहीं, बल्कि अज्ञानता है। जो काम आपके लिए निश्चित है (जैसे छात्र के लिए पढ़ना), उसे छोड़ना पतन का रास्ता है।